Temperature Update : जेठ की इस भीषण गर्मी से फिलहाल राहत के आसार नहीं हैं, लेकिन इस बार सबसे बड़ा खतरा ये है कि दिन की भीषण लू के बाद रातें भी गर्मी का रिकॉर्ड तोड़ रही हैं। देश के 35 शहरों में गुरुवार को रात का पारा 30 डिग्री से ऊपर रहा। दिल्ली में मई के महीने में पिछले 14 वर्षों की सबसे गर्म रात दर्ज की गई। गुरुवार को सफदरजंग में न्यूनतम तापमान सामान्य से 5.2 डिग्री अधिक यानी 31.9 डिग्री रहा। देश में रात का सबसे ज्यादा तापमान राजस्थान के हनुमानगढ़ (33.7 डिग्री) में दर्ज किया गया। तेलंगाना का आदिलाबाद (32.7 डिग्री) इस सूची में दूसरे नंब पर रहा।
उधर, देश में भीषण लू से लगातार चौथे दिन बिजली की पीक डिमांड ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। गुरुवार दोपहर 3:45 बजे मांग 270.82 गीगावॉट के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई। मंत्रालय के अनुसार, थर्मल ऊर्जा से 62.8% और सौर ऊर्जा से 22% मांग पूरी हुई। मौसम विभाग द्वारा उ. पश्चिम और मध्य भारत में पारा 45 डिग्री पार रहने के अनुमान से मांग और बढ़ेगी।
रात में ऐसी गर्मी घातक… क्योंकि हीट स्ट्रेस बढ़ने से हार्ट अटैक का खतरा, पैदावार घटने का भी संकट है
शहरों में रातें भी ठंडी क्यों नहीं हो रही हैं?
- तारकोल से बनी काली सड़कें व खुले पार्किंग स्थल सूरज की तपिश को तेजी से सोखते हैं।
- डार्क या गहरे रंग की छतें दिनभर सौर ऊर्जा को अवशोषित कर भीतर ही रोककर रखती हैं।
- कंक्रीट की ऊंची-ऊंची इमारतें गर्म हवा के बहाव को रोक देती हैं, जिससे रातें भी गर्म हैं।
- फैक्ट्रियों, गाड़ियों और एसी आदि से लगातार निकली कृत्रिम गर्मी वातावरण को और तपाती है। कंक्रीट और सीमेंट के कारण पानी जमीन के भीतर नहीं जा पाता, जिससे सतह की प्राकृतिक नमी खत्म हो जाती है। सूखापन गर्मी बढ़ाता है।
रातें ठंडी न होने से क्या-क्या नुकसान हैं?
- रात में ठंडक न मिलने से शरीर का आंतरिक तापमान संतुलित नहीं हो पाता। बुजुर्गों और दिल के मरीजों में हार्ट अटैक स्ट्रोक का खतरा ज्यादा।
- रात की गर्मी से पौधे अपनी ऊर्जा संचित करने के बजाय ‘श्वसन’ में खर्च कर देते हैं।
- फसलों के दाने छोटे रह जाते हैं। पैदावार घट जाती है। पारा 30 डिग्री से ऊपर रहने से गहरी नींद नहीं आती, जिससे थकान व चिड़चिड़ापन बढ़ता है।
- कूलिंग उपकरणों के 24 घंटे लगातार चलने से बिजली की मांग चरम पर रहती है। ट्रांसफॉर्मर ठंडे नहीं हो पाते। ग्रिड फेल का खतरा बढ़ता है।
आगे क्या? पंजाब में आज आंधी-बारिश संभव, यूपी-हरियाणा में संभावना नहीं
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय तक पहुंच गया है। इससे जम्मू-कश्मीर और हिमाचल में सप्ताहांत तक बादल छाए रहेंगे और मध्यम बारिश व गरज के साथ बौछारें पड़ेंगी। शुक्रवार और शनिवार को पंजाब और चंडीगढ़ तक छिटपुट धूल भरी आंधी और बारिश हो सक्ती है। इस पश्चिमी विक्षोभ के हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, यूपी और मध्य भारत के क्षेत्रों में पहुंचने की संभावना न के बराबर है, इसलिए इन क्षेत्रों में बारिश और राहत मिलने की उम्मीद भी बहुत कम है।
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