US-Iran War: ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमले मंगलवार को बढ़ गए। इससे बौखलाई ईरानी सेना ने रात में बड़ी चेतावनी जारी कर दी। रिवॉल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि एक अप्रैल को तेहरान के समयानुसार रात 8 बजे से खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी कंपनियों के दफ्तरों को निशाना बनाएंगे। हमले ऐप्पल, गूगल, टेस्ला, बोइंग, आईबीएम, मेटा, माइक्रोसॉफ्ट, इंटेल, डेल, एनवीडिया, एचपी, सिस्को जैसी 18 बड़ी कंपनियों पर होंगे। सेना ने कहा- ईरान में होने वाली हर हत्या के बदले इन कंपनियों को अब सिर्फ विनाश की उम्मीद करनी चाहिए। जान बचाने के लिए इनके कर्मचारी दफ्तर छोड़ दें। इन कंपनियों के आसपास एक किलोमीटर का दायरा खाली कर दें।
ईरानी सेना का आरोप है कि हमारे देश में हुई मंगलवार टारगेट किलिंग में ये कंपनियां भी शामिल थीं। इस बीच, युद्ध के चलते अमेरिका में को पेट्रोल 4 डॉलर प्रति गैलन महंगा हो गया। 2022 के बाद ऐसे हालात बने हैं। यूएई ने पेट्रोल-डीजल की कीमतें 33% तक बढ़ा दी हैं। वहां डीजल 120 रु. प्रति ली. बिक रहा है। वहीं इंडोनेशिया ने पेट्रोल की राशनिंग शुरू कर दी है।
Apple-Google समेत 18 कंपनियां निशाने पर
ईरान ने खाड़ी देशों में 18 अमेरिकी कंपनियों को निशाना बनाने की चेतावनी दी है. इन कंपनियों में सिस्को, एचपी, इंटेल, ओरेकल, माइक्रोसॉफ्ट, ऐप्पल, गूगल, मेटा, आईबीएम, डेल, पालेंटिर, एनवीडिया, जेपी मॉर्गन, टेस्ला, जनरल इलेक्ट्रिक, स्पायर सॉल्यूशंस, जी42 और बोइंग शामिल हैं।
ईरान के मुताबिक ये कंपनियां इजरायल और अमेरिका की सैन्य और खुफिया एजेंसियों की मदद करती हैं. ईरान ने इन कंपनियों को अपने साइबर हमलों के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
UP News : मोबाइल चोरी के शक में युवक को पीट-पीट कर उतारा मौत के घाट
IPL 2026 : आईपीएल में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी का जलवा, 17 गेंद में ठोक दिए 54 रन














