New Delhi Supreme Court ने शुक्रवार को कहा कि पति को खाना बनाने, सफाई और कपड़े धोने जैसे घरेलू कामों में बराबर की भागीदारी निभानी होगी। कोर्ट ने टिप्पणी की-वह किसी नौकरानी से नहीं, बल्कि अपने जीवनसाथी से शादी करता है। यह टिप्पणी जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कर्नाटक हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर याचिका की सुनवाई के दौरान की।
हाई कोर्ट ने निचली अदालत के उस फैसले को पलट दिया था, जिसमें महिला के खिलाफ क्रूरता मानते हुए तलाक मंजूर किया गया था। सुनवाई के दौरान पति के वकील ने दलील दी कि दोनों की शादी 2017 में हुई थी और वे 2019 से अलग रह रहे हैं। वकील के अनुसार, पति तलाक चाहता है क्योंकि महिला का व्यवहार ठीक नहीं था और वह खाना भी नहीं बनाती थी।
इस पर जस्टिस नाथ ने कहा कि पति को इन सभी कामों में बराबर की जिम्मेदारी निभानी होगी। बेंच ने हाई कोर्ट के इस निष्कर्ष से सहमति जताई कि खाना न बनाना क्रूरता का आधार नहीं हो सकता।














